द्वितीय किस्त के रूप में प्रति मा0 सदस्य को विकास कार्यों हेतु रू0 2 करोड़ 50 लाख की धनराशि दी जा रही है
निधि से कराये जाने वाले कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने का दायित्व सम्बन्धित मुख्य विकास अधिकारी का होगा
विधान मण्डल क्षेत्र विकास निधि के तहत स्वीकृत धनराशि का व्यय विधान मण्डल क्षेत्र विकास निधि के मार्गदर्शी सिद्धांतों व जारी शासनादेशों के अनुसार ही किया जाय
लखनऊ-
उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य द्वारा विधान मण्डल क्षेत्र विकास निधि हेतु वर्ष 2025-26 में विधानसभा के 403 मा0 सदस्यों हेतु रू0 100750.00 लाख (रू० दस अरब सात करोड पचास लाख मात्र, जी०एस०टी० सहित) की धनराशि तथा विधान परिषद के 100 में से 99 (01 स्थान रिक्त हैं) मा० सदस्यों हेतु रू0 24750.00 लाख (रू० दो अरब सैतालीस करोड़ पच्चास लाख मात्र जी एस टी सहित )की धनराशि अर्थात विधान मण्डल के कुल 502 (403$99) मा0 सदस्यों को वित्तीय वर्ष 2025-26 की द्वितीय किश्त के रूप में रू0 250.00 लाख (जी०एस०टी० सहित) की दर से कुल रू0 125500.00 लाख जी0एस0टी0 सहित (रू० बारह अरब पचपन करोड़ मात्र, जी०एस०टी० सहित) की धनराशि अवमुक्त किया जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।
उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य द्वारा ग्राम्य विकास विभाग के सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देश दिए गये हैं कि स्वीकृत की गयी धनराशि का व्यय विधान मण्डल क्षेत्र विकास निधि के मार्गदर्शी सिद्धांतों में उल्लिखित व्यवस्था/प्राविधानों तथा इस निमित्त समय-समय पर जारी शासनादेशों के अनुसार ही किया जाय।
जारी दिशा-निर्देशों में कहा गया है कि विधान मण्डल क्षेत्र विकास निधि योजना की धनराशि स्वीकृत कर डी०आर०डी०ए० के डिपाजिट खाता मे स्थानांतरित करके योजना के दिशा निर्देशों के अनुसार व्यय की जायेगी।
व्यय प्रबन्धन एवं शासकीय व्यय में मितव्ययिता के सम्बन्ध में वित्त विभाग द्वारा समय-समय पर जारी आदेशों का विशेष रूप से अनुपालन सुनिश्चित किया जायेगा। इसके साथ-साथ राजकीय धन व्यय करने में उ0प्र0 बजट मैनुअल के प्रस्तर-12 में दी गयी शर्तों की पूर्ति तथा वित्तीय औचित्य के मानकों का अनुपालन सुनिश्चित किया जायेगा। विधान मण्डल क्षेत्र विकास निधि के अन्तर्गत कराये जाने वाले कार्यों के सापेक्ष वास्तविक रूप से देय/आगणित जी0एस0टी0 के समतुल्य ही धनराशि का आहरण/व्यय किया जायेगा।विधान मण्डल क्षेत्र विकास निधि के अन्तर्गत कराये जाने वाले कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित किये जाने की कार्यवाही का दायित्व सम्बन्धित मुख्य विकास अधिकारी का होगा।सम्बन्धित जनपद के मुख्य विकास अधिकारी द्वारा स्वीकृत की जा रही धनराशि की जानकारी तथा शासनादेश की प्रति अपने-अपने जनपद से सम्बन्धित मा० विधान सभा/विधान परिषद सदस्यों को एक सप्ताह के अन्दर उपलब्ध करायी जायेगी।
आहरित की जाने वाली धनराशि सम्बन्धित डीआरडीए के डिपाजिट खाते में स्थानांतरित की जायेगी एवं इस डिपाजिट खाते से इसका व्यय विधान मण्डल क्षेत्र विकास निधि के मार्गदर्शी सिद्धांतों तथा इस सम्बन्ध में समय-समय पर जारी शासनादेशों के अनुसार किया जायेगा।
