लखनऊ-
उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि विकसित उत्तर प्रदेश का मुख्य लक्ष्य उत्तर प्रदेश को विकसित भारत का अग्रदूत बनाना और प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक और आध्यात्मिक धरोहर को आधुनिक विकास की धारा के साथ जोड़ना है। विकसित उत्तर प्रदेश के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए शिक्षा, कौशल, विकास और नवाचार को बढ़ावा दिया जाना बहुत जरूरी है, जिससे प्रदेश में एक मजबूत और सक्षम जनशक्ति तैयार हो सके। इसमें स्वास्थ्य, सुरक्षा और सामाजिक कल्याण को केंद्र में रखा गया है, जिससे प्रदेश के नागरिकों को बेहतर जीवन सुविधाएं प्रदान की जा सकें। इसमें निवेश और आर्थिक अवसरों का विस्तार भी शामिल है।
कहा कि 2047 तक विकसित उत्तर प्रदेश बनाने की जिम्मेदारी युवाओं के कंधों पर है। किसानों को कृषि विविधीकरण पर जोर देना होगा और पैदावार बढ़ाने के लिए सही फसल व उत्तम बीजों को चयन करना होगा। जलवायु परिवर्तन को ध्यान में रखते हुये वैज्ञानिक नई प्रजातियों को विकसित करने पर कार्य कर रहे हैं। कहा कि युवाओं को फूड प्रोसेसिंग उद्यम लगाना चाहिए इसमे सरकार बहुत सहूलियत दे रही है। कृषि में उद्योग को बढ़ाकर रोजगार को सृजित करने पर कार्य करना होगा। कृषि, पशुधन संरक्षण, औद्योगिक विकास, आईटी और उभरती तकनीक, पर्यटन, नगर और ग्राम्य विकास, आधारभूत संरचना, स्वास्थ्य, शिक्षा, समाज कल्याण, सुरक्षा और सुशासन जैसे क्षेत्रों पर सुझाव मांगे जा रहे हैं। ग्राहकों की जरूरतों के अनुसार उत्पादों और सेवाओं का विकास करना होगा।
