जिलाधिकारी ने बुके देकर किया स्वागत, अपनी कुर्सी पर बैठाकर बढ़ाया छात्रा का आत्मविश्वास, प्रतीक्षा ने कहा मेहनत से पढ़ाई कर आईएएस या पीसीएस बनना है सपना
उरई (जालौन)। मिशन शक्ति के उद्देश्य को साकार करते हुए छात्राओं में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और प्रशासनिक सेवाओं के प्रति रुचि बढ़ाने की दिशा में एक प्रेरणादायी पहल देखने को मिली। कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय मडोरा की कक्षा सात की छात्रा प्रतीक्षा को एक दिन के लिए प्रतीकात्मक जिलाधिकारी बनाया गया। जिलाधिकारी समीर ने स्वयं आगे बढ़कर बुके भेंट कर छात्रा का स्वागत किया और उसे अपनी कुर्सी पर बैठाकर प्रोत्साहित किया। इस अवसर ने छात्रा के मन में बड़े सपने देखने और उन्हें साकार करने के संकल्प को नई ऊर्जा दी।
प्रतीकात्मक जिलाधिकारी के रूप में छात्रा प्रतीक्षा ने जन सुनवाई के दौरान फरियादियों की समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को उनके निस्तारण के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस पहल के माध्यम से छात्रा को प्रशासनिक कार्यप्रणाली, जनसमस्याओं के समाधान तथा अधिकारियों की जिम्मे दारियों को करीब से समझने का अवसर मिला। यह पहल केवल एक दिन का प्रतीकात्मक अनुभव नहीं, बल्कि बालिकाओं को यह विश्वास दिलाने का प्रयास है कि दृढ़ इच्छाशक्ति, शिक्षा और मेहनत के बल पर वे भविष्य में किसी भी उच्च पद तक पहुंच सकती हैं।इस दौरान छात्रा प्रतीक्षा ने उत्साहपूर्वक कहा कि वह मन लगाकर पढ़ाई करेगी और कड़ी मेहनत के दम पर आई एएस या पीसीएस अधिकारी बनने का अपना सपना पूरा करेगी। उसके इस संकल्प में आत्मविश्वास और भविष्य के प्रति सकारात्मक सोच स्पष्ट दिखाई दी। प्रतीक्षा का सपना उन तमाम छात्राओं के लिए प्रेरणा है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद जीवन में कुछ बड़ा करने की आकांक्षा रखती हैं।जिलाधिकारी समीर ने छात्रा की प्रतिभा और उत्साह की सराहना करते हुए कहा कि प्रतीक्षा बेहद होनहार छात्रा हैं। उन्हें पूरा विश्वास है कि वह आगे चलकर अच्छी शिक्षा प्राप्त करेंगी और किसी उच्च प्रशासनिक पद पर पहुंचकर अपनी जिम्मेदारियों का कुशलतापूर्वक निर्वहन करेंगी। उन्होंने छात्रा के उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि बच्चों को प्रोत्साहन और सही मार्गदर्शन मिले तो वे अपनी क्षमताओं को पहचानकर बड़े लक्ष्य हांसिल कर सकते हैं। मिशन शक्ति के तहत इस तरह की पहल का उद्देश्य बालिकाओं को सशक्त बनाना,उनमें नेतृत्व क्षमता विकसित करना तथा शिक्षा और आत्म निर्भरता के प्रति जागरूक करना है।प्रतीक्षा को प्रतीक आत्मक जिलाधिकारी बनाकर यह संदेश दिया गया कि बेटियां केवल अपने सपने देखने तक सीमित न रहें, बल्कि उन्हें पूरा करने के लिए आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ें। बेटियां अवसर मिलने पर नेतृत्व भी कर सकती हैं और समाज व प्रशासन में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका भी निभा सकती हैं। यह पहल जनपद की छात्राओं के लिए प्रेरणा का संदेश है कि लक्ष्य बड़ा हो, संकल्प मजबूत हो और पढ़ाई के प्रति समर्पण बना रहे, तो सफलता की राह अवश्य बनती है। प्रतीक्षा का आईए एस या पीसीएस बनने का सपना आज एक छात्रा का संकल्प है, लेकिन यही संकल्प कल अनेक बेटियों के लिए नई उम्मीद और प्रेरणा बन सकता है।
