माधौगढ़ जालौन जनपद की तहसील माधौगढ़ क्षेत्र के ग्राम खकसीस में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के
दौरान पूज्य आचार्या मोहन बिहारी शास्त्री ने कहा कि लालसाओं के मोह में फंसकर जीव धर्म को आचरण में नहीं उतार रहा है इसके चलते चारों ओर अशान्ति फैल रही है और जीव धर्म से निरन्तर विलम्ब होते जा रहे है जिससे उसका पतन हो रहा है उन्होने कहा कि यदि जीव सत्यवान है तो उसे ईश्वर की प्राप्ति संम्भव है।
अगले प्रसंग मे आचार्य मोहन बिहारी शास्त्री जी महाराज ने सुदामा व श्री कृष्ण जी की मित्रता का कथा कहते हुए कहा कि मित्रता में छल कपट, ईष्या का कोई स्थान नहीं है सुदामा का तातपर्य बताते हुये बताया कि जिनका सुंदर दाम न होता है वही ईश्वर से मिल पाता है उन्होंने कहा कि सुदामा चरित्र मित्रता की मिसाल है लोगों को इससे सीख लेने की आवश्यकता है यहाँ भगवान का नाम दीन दयाल पड़ा, कार्यक्रम के संरक्षण सहित तमात भक्त मौजूद थे।
श्री भागवत कथा ग्राम खकसीस मुकुंदपुरी माता मंदिर की असीम अनुकंपा से में चल रही है। इस मौके पर परीक्षित , श्री मती राम -जानकी शिवहरे श्री पत्नी स्मृति शेष श्री भीकम प्रसाद शिवहरे, विधायक माधौगढ़ मूलचंद निरंजन, अरविंद सिंह चौहान,जल शक्ति मंत्री के प्रतिनिधि ,रंमा निरंजन विधायक,एम, एल, सी ,जालौन,, ब्लॉक प्रमुख जालौन रामराजा निरंजन,उरई शिवहरे समाज के जिला अध्यक्ष जालौन रघुवीर शिवहरे , प्रमोद बाबू शिवहरे,उदय शिवहरे ने कथावाचक एवं संगीतकार को फूलमाला पहनकर सम्मानित किया, एवं प्रधान खकसीस अरूण शिवहरे अनिल शिवहरे ने फूल माला एवं साल उढ़ाकर कथावाचक एवं संगीतकार्य का, सम्मानित किया बाहर से आए हुए अतिथियों का प्रधान जी के द्वारा भी सम्मानित किया गया इस अवसर पर पुजारी राघवानंद महाराज,अरूण कुमार शिवहरे, सोनू शिवहरे, अंजनी शिवहरे, नीतू महाराज, भागवती दुबे राघवेंद्र शिवहरे, साहब सिंह चौहान,गोलू चौहान, आदेश कुमार अलोक जाटव लल्ला परासर , स्वयंवर रावत, अनूप शिवहरे, मनोज शिवहरे, पत्रकार ,जय प्रकाश गुप्ता, मनोज गुप्ता शिवहरे, राधेलाल शिवहरे, चन्द्रभान शिवहरे,कैशव शिवहरे रामकेश शिवहरे रिंकू शिवहरे,कुं राधिका शिवहरे, युवराज शिवहरे, शिवसागर अवस्थी,जीतू अवस्थी, लल्लू प्रजापति, सन्तोष शिवहरे, सन्तोष मास्टर जी, हरिओम शिवहरे, सागर शिवहरे,कमलेश शिवहरे, आशीष शिवहरे पत्रकार,शैलू शिवहरे,गोपाल कुशवाहा, विकास शिवहरे, रामकुमार राजावत, आदित्य शिवहरे, सहित अन्य भक्त मौजूद रहे।
