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Thursday, January 15, 2026

अध्यक्ष, बी0ओ0सी0डब्ल्यू कल्याण बोर्ड ने विद्यालयों में नियमित समाचार पत्र पठन की संस्कृति विकसित करने के दिए निर्देश

Malwanchal Times

यह पहल हमारे विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं हेतु तैयार करने के साथ-साथ उन्हें एक जिम्मेदार और जागरूक नागरिक बनाने में सहायक सिद्ध होगी-अध्यक्ष, बी0ओ0सी0डब्ल्यू

लखनऊ

अध्यक्ष, बी0ओ0सी0डब्ल्यू कल्याण बोर्ड/प्रमुख सचिव, श्रम एवं सेवायोजन विभाग, डॉ0 एम.के.शन्मुगा सुन्दरम ने विद्यालयों में नियमित समाचार पत्र पठन (न्यूज पेपर रीडिंग) की संस्कृति विकसित करने एवं भाषाई/तार्किक कौशल संवर्धन के संबंध में अवगत कराया है कि शिक्षण संस्थानों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं के सर्वांगीण विकास हेतु पाठ्यक्रम की शिक्षा के अतिरिक्त सामान्य ज्ञान (जनरल अवेयरनेस), भाषाई पकड़ (कमाण्ड ओवर लैंगवेज) और आलोचनात्मक सोच (क्रिटिकल थिंकिंग) को भी सशक्त बनाने की आवश्यकता है। इस हेतु छात्र-छात्राओं को समाचार पत्रों के नियमित पठन हेतु प्रोत्साहित किया जाना आवश्यक है। इस सम्बन्ध में बेसिक/माध्यमिक शिक्षा विभाग, उत्तर प्रदेश शासन द्वारा भी विस्तृत निर्देश दिनांक 23.12.2025 को निर्गत किये गए हैं।
तत्क्रम में उन्होंनें समस्त अटल आवासीय विद्यालयों में गतिविधियों को तत्काल प्रभाव से दैनिकचर्या में सम्मिलित किये जाने हेतु निर्देशित करते हुए पुस्तकालय में समाचार पत्रों की उपलब्धता के सम्बन्ध में बताया है कि प्रत्येक विद्यालय के पुस्तकालय में प्रतिष्ठित उच्च गुणवत्ता वाले हिंदी एवं अंग्रेजी के समाचार पत्रों को नियमित रूप से उपलब्ध कराए जाए। समाचार पत्र पढ़ने के महत्वपूर्ण पहलू के सम्बन्ध में छात्र-छात्राओं को समाचार पत्रों में सामान्य ज्ञान के अतिरिक्त विज्ञान, अर्थव्यवस्था, नवीन विकास तथा खेल से संबंधित विषयों के सम्बन्ध में पढ़ने के लिए भी प्रोत्साहित किये जाने हेतु निर्देशित किया है साथ ही दैनिक एवं साप्ताहिक गतिविधियों के बारे में प्रार्थना सभा के उपरान्त कक्षा में पठन-पाठन प्रारम्भ करने के पूर्व 10 मिनट का समय समाचार पठन के लिए आवंटित करें। प्रतिदिन 5 नए/कठिन शब्द उनके अर्थ सहित बोर्ड पर प्रदर्शित किए जाएं। विद्यालय के मुख्य डिस्प्ले बोर्ड (मेन डिस्प्ले बोर्ड) पर ‘आज का सुविचार‘ को अनिवार्य रूप से अंकित किया जाए। उन्होंने कहा है कक्षा नौ से बारह तक के छात्रों के लिए सप्ताह में एक बार संपादकीय लेखों पर आधारित मौलिक लेखन या समूह चर्चा आयोजित की जाए। रचनात्मक कार्यों में कनिष्ठ (जूनियर) वर्ग के छात्रों के लिए विज्ञान, पर्यावरण और खेल जैसे विषयों पर न्यूज क्लिपिंग स्क्रैपबुक तैयार करवाई जाए।
मानसिक विकास एवं प्रतियोगिताओं के अन्तर्गत उन्होंने  विद्यार्थियों की तार्किक क्षमता बढ़ाने हेतु समाचार पत्रों में प्रकाशित सुडोकू, शब्द पहेली और ज्ञानवर्धक प्रश्नोत्तरी की प्रतियोगिताएं समय-समय पर आयोजित किये जाने के निर्देश दिए हैं साथ ही विद्यालय समाचार पत्र/पत्रिका के बारे में कहा है विद्यार्थियों को समाचार पत्रों की सरंचना एवं प्रस्तुतीकरण से प्रेरणा लेकर अपने विद्यालय हेतु एक त्रैमासिक विद्यालय समाचार पत्र या विद्यालय पत्रिका तैयार करने हेतु प्रोत्साहित किया जाए। इसका संपादन विद्यार्थियों की टीम द्वारा ही किया जाए जिसमंे विद्यालय की गतिविधियों एवं उपलब्धियों को समाचार के रूप में प्रस्तुत किया जाए। वैज्ञानिक अभिरुचि को प्रोत्साहित करने हेतु विद्यार्थियों को छोटे समूहों में वैज्ञानिक तथ्यों और प्रक्रियाओं पर चर्चा करने के लिए प्रोत्साहित किया जाए।
उन्होंने कहा है कि उपरोक्त निर्देशों का अनुपालन करना सुनिश्चित करें। यह पहल हमारे विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं हेतु तैयार करने के साथ-साथ उन्हें एक जिम्मेदार और जागरूक नागरिक बनाने में सहायक सिद्ध होगी।

 


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