उरई(जालौन)।जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने कलैक्ट्रेट सभागार में जिला पोषण समिति एवं कन्वर्जेन्स विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित कर सम्बंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश। बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग के विभिन्न कार्यक्रमों और योजनाओं की गहन समीक्षा की गई। आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों द्वारा पोषण ट्रैकर पर फीडिंग, पोषण पखवाड़ा के अंतर्गत हो रही गति विधियों, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, एनआरसी में बच्चों के संदर्भन, आंगनबाड़ी केंद्र भवन निर्माण, कार्यकत्री भर्ती तथा तीव्र अतिकुपोषित (सैम) बच्चों को दुधारु गाय उपलब्ध कराने जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। जिला कार्यक्रम अधिकारी ने बताया कि 08 अप्रैल से 22 अप्रैल 2025 तक पोषण पखवाड़ा आयोजित किया जा रहा है, जो आंगनबाड़ी केंद्र स्तर से लेकर जिला स्तर तक मनाया जा रहा है। इस पखवाड़े में चार मुख्य घटकों—जीवन के प्रथम 1000 दिन, पोषण ट्रैकर पर लाभार्थी मॉड्यूल, कुपोषण प्रबंधन हेतु बॉडी मॉड्यूल और बच्चों में मोटापे की रोकथाम हेतु स्वस्थ जीवनशैली पर फोकस किया जा रहा है। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की समीक्षा में पाया गया कि जनपद में कुल 88 आवेदन लंबित हैं, जिसमें से 53 सीडीपीओ स्तर पर और 35 मुख्य सेविका स्तर पर रुके हुए हैं। पोषण ट्रैकर पर फीडिंग की स्थिति पर असंतोष व्यक्त करते हुए जिलाधिकारी ने बताया कि माधौगढ़, कुठौन्द, कदौरा और डकोर परियोजनाओं की फीडिंग दर सबसे कम है। उन्होंने निर्देश दिए कि संबंधित अधिकारियों को चेतावनी जारी की जाए और भविष्य में 95% से कम फीडिंग पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि पोषण पखवाड़ा समाप्त होने में केवल एक सप्ताह शेष है और जनपद मण्डल स्तर पर फीडिंग में सबसे पीछे है, जो बेहद चिंताजनक है। उन्होंने सभी सीडीपीओ को फीडिंग में तत्काल सुधार लाने के निर्देश दिए। एनआरसी में बच्चों की भर्ती और सैम बच्चों को दुधारु गाय दिलाने की प्रगति पर भी असंतोष जताया गया। मार्च माह में इस कार्य में अपेक्षित प्रगति नहीं हुई। सभी परियोजनाओं से अप्रैल माह में कम से कम 2-2 बच्चों को एनआरसी में भर्ती कराने और 5-5 सैम बच्चों के परिजनों को दुधारु गाय उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी राजेन्द्र कुमार श्रीवास, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. नरेंद्र देव शर्मा, जिला प्रोबेशन अधिकारी अमरेंद्र, जिला पशु चिकित्सा अधिकारी मनोज अवस्थी, जिला कार्यक्रम अधिकारी तथा सभी बाल विकास परियोजना अधिकारी और मुख्य सेविकाएं मौजूद रहीं।
