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Monday, August 3, 2026

उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य की पहल व प्रयासों से उत्तर प्रदेश में स्थापित होगा निफ्टेम का उपकेंद्र

Malwanchal Times

उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य की पहल से यूपी में बनेगा
निफ्टेम का बड़ा केंद्र

कौशाम्बी और प्रयागराज बनेंगे खाद्य प्रसंस्करण शिक्षा एवं
शोध के राष्ट्रीय केंद्र

युवाओं, किसानों और महिला समूहों के लिए खुलेंगे नए अवसर,
यूपी में आएगा निफ्टेम

खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में यूपी को मिलेगी नई पहचान,
निफ्टेम स्थापना का मार्ग प्रशस्त

केशव प्रसाद मौर्य की मंशा को मिला आकार, निफ्टेम के
विस्तार के लिए महत्वपूर्ण सहमति

कौशाम्बी और प्रयागराज खाद्य प्रसंस्करण शिक्षा, शोध एवं
नवाचार के नए केंद्र बनेंगे

लखनऊ

उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य की मंशा के अनुरूप प्रदेश में खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र को नई गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल हुई है। उप मुख्यमंत्री श्री मौर्य के निर्देशों के क्रम मे राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी उद्यमिता एवं प्रबंधन संस्थान (निफ्टेम), कुंडली औद्योगिक क्षेत्र, सोनीपत (हरियाणा) के प्रतिनिधिमंडल ने उत्तर प्रदेश में निफ्टेम की सैटेलाइट इकाई की स्थापना के संबंध में मंगलवार को महत्वपूर्ण विचार-विमर्श किया गया ।
निफ्टेम के प्रतिनिधि प्रोफेसर प्रभात कुमार नेमा (डी.एस.डब्ल्यू.) एवं डॉ. नितिन कुमार ने श्री बी.एल. मीणा, अपर मुख्य सचिव, उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग, उत्तर प्रदेश शासन से  भेंट की। बैठक में प्रदेश में खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों को बढ़ावा देने, नवाचार आधारित तकनीकी दक्ष मानव संसाधन तैयार करने तथा युवाओं को रोजगारपरक शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आर-फ्रैक (क्षेत्रीय खाद्य विश्लेषण केन्द्र) तथा राजकीय खाद्य प्रसंस्करण प्रौद्योगिकी संस्थान को निफ्टेम की सैटेलाइट इकाई के रूप में विकसित किए जाने पर सहमति बनी।
इस संबंध में खाद्य प्रसंस्करण विभाग एवं निफ्टेम के मध्य शीघ्र ही मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (एमओयू) संपादित किया जाएगा। प्रस्तावित संस्थान में स्नातक, परास्नातक, पीएच.डी., शोध कार्यक्रमों के साथ-साथ अल्पकालीन एवं एक वर्षीय डिप्लोमा पाठ्यक्रम भी संचालित किए जाएंगे।
उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य की मंशा के अनुरूप जनपद कौशाम्बी में निफ्टेम के उपकेंद्र तथा प्रयागराज में निफ्टेम की स्थापना हेतु भी सहमति व्यक्त की गई। इससे प्रदेश के युवाओं, उद्यमियों, कृषकों, महिलाओं, स्वयं सहायता समूहों, गैर सरकारी संगठनों (एनजीओ), राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) तथा उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (यूपीएसआरएलएम) के लाभार्थियों को खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में प्रशिक्षण, तकनीकी सहायता एवं रोजगार के नए अवसर प्राप्त होंगे। यह पहल प्रदेश के आर्थिक विकास एवं आत्मनिर्भरता की दिशा में मील का पत्थर सिद्ध होगी।
निफ्टेम के प्रतिनिधियों द्वारा आर-फ्रैक एवं राजकीय खाद्य प्रसंस्करण प्रौद्योगिकी संस्थान में उपलब्ध आधारभूत संरचना, प्रयोगशालाओं एवं अन्य सुविधाओं का विस्तृत निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान संस्थान की उपलब्ध व्यवस्थाओं को निफ्टेम केंद्र के संचालन हेतु उपयुक्त पाया गया।
राजकीय खाद्य प्रसंस्करण प्रौद्योगिकी संस्थान के व्याख्यान कक्ष में आयोजित बैठक में श्री बी.एल. मीणा, अपर मुख्य सचिव, उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग, उत्तर प्रदेश शासन, श्रीमती सृष्टि धवन, संयुक्त निदेशक (प्रशासन), डॉ. एम.पी. सिंह, संयुक्त निदेशक (खाद्य प्रसंस्करण), डॉ. हरीश कुमार, निदेशक, आर-फ्रैक सहित विभागीय अधिकारी, कर्मचारी एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
बैठक में निफ्टेम की भावी कार्ययोजना पर विस्तृत चर्चा हुई। इस अवसर पर प्रोफेसर प्रभात कुमार नेमा ने जानकारी दी कि आर-फ्रैक एवं राजकीय खाद्य प्रसंस्करण प्रौद्योगिकी संस्थान में शीघ्र ही पीएच.डी. तथा डिजर्टेशन आधारित शोध कार्य भी प्रारंभ किए जाएंगे, जिससे प्रदेश में खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में अनुसंधान एवं नवाचार को नई दिशा मिलेगी। प्रोफेसर प्रभात कुमार नेमा एवं डॉ. नितिन कुमार को पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया गया।


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